नक्षत्र / पूर्वाषाढ़ा
पूर्वाषाढ़ा
Purva Ashadha
सत्ताईस नक्षत्रों में 20वाँ, 13°20′ धनु – 26°40′ धनु तक फैला हुआ।
- विस्तार
- 13°20′ धनु – 26°40′ धनु
- स्वामी ग्रह
- शुक्र
- देवता
- आपः, जल
- प्रतीक
- पंखा और हस्तिदंत
- गण
- मनुष्य
नाम का अर्थ है पहली अजेय, और परंपरा इसे जल से जोड़ती है — ठहरे जल से नहीं, बल्कि उस जल से जो चीज़ों को घिसता है और अंततः पार निकल जाता है। पूर्वाषाढ़ा दृढ़ विश्वास बताती है, और विशेष रूप से वह प्रकार जो ऊँची आवाज़ में बहस नहीं करता क्योंकि उसे हारने की अपेक्षा ही नहीं होती।
स्वामी शुक्र है, इसलिए यह आत्मविश्वास आक्रामक नहीं, आकर्षक होता है, और लोगों से भिड़ने के बजाय उन्हें जोड़ता है। कठिनाई यह है कि इतना सुखकर निश्चय विरले ही जाँचा जाता है। यहाँ बल रखने वाले से पूछा जाना चाहिए कि कौन-सा प्रमाण उसका मत बदल देगा, और यदि ईमानदार उत्तर यह हो कि कोई नहीं — तो वही पठन है, प्रश्न की विफलता नहीं।
पाद (नवांश)
| पाद | नवांश राशि | स्वामी |
|---|---|---|
| 1 | सिंह | Sun |
| 2 | कन्या | Mercury |
| 3 | तुला | Venus |
| 4 | वृश्चिक | Mars |
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कुंडली बनाइएयह अध्ययन के लिए लिखा गया है, भविष्यवाणी के लिए नहीं। नक्षत्र एक प्रवृत्ति बताता है, नियति नहीं, और इस पृष्ठ की किसी बात को घटनाओं की भविष्यवाणी नहीं मानना चाहिए।